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कोटा अस्पताल में अब सीनियर डॉक्टर की मौजूदगी में ही होगा ऑपरेशन, लापरवाही पर नपेंगे बड़े अधिकारी

May 12, 2026 Super Admin 21
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कोटा अस्पताल में अब सीनियर डॉक्टर की मौजूदगी में ही होगा ऑपरेशन, लापरवाही पर नपेंगे बड़े अधिकारी

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज और जेके लोन अस्पताल में प्रसूताओं का स्वास्थ्य बिगड़ने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ सोमवार शाम कोटा पहुंचीं. उन्होंने न केवल बीमार प्रसूताओं का हाल जाना, बल्कि चिकित्सा अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी भी दी.

परिजनों को दिया भरोसा

गायत्री राठौड़ ने सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के आईसीयू में भर्ती प्रसूता पिंकी, धन्नी बाई, आरती और रागिनी मीणा से मुलाकात की. उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि इलाज में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए. अच्छी खबर यह है कि चंद्रकला और सुशीला जैसी प्रसूताओं की हालत में सुधार के बाद उन्हें वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है. जयपुर से आए वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. धनंजय अग्रवाल की देखरेख में इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है.

अब यूनिट हेड और संस्थान प्रभारी की होगी जिम्मेदारी

अस्पताल प्रशासन के साथ उच्च स्तरीय बैठक में प्रमुख शासन सचिव ने दो-टूक कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति बर्दाश्त नहीं होगी. उन्होंने नए प्रोटोकॉल लागू करने के निर्देश दिए. अब ओटी (Operation Theatre) और आईसीयू का नियमित स्टरलाइजेशन अनिवार्य होगा. सर्जरी के समय वरिष्ठ सर्जन और संवेदनशील यूनिट्स में सीनियर डॉक्टर्स की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है. यदि आगे ऐसी चूक होती है, तो संस्थान प्रभारी और यूनिट हेड सीधे तौर पर उत्तरदायी होंगे.

'दोषी बचेंगे नहीं, निष्पक्ष जांच का किया वादा

राठौड़ ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है. अब पूरे प्रकरण की गहन और निष्पक्ष जांच की जा रही है ताकि संक्रमण फैलने के असली कारणों का पता लगाया जा सके.

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