गुरूवार, 28 मई 2026
KalameRajasthan

धर्मांतरण या सााजिश? सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल समेत 100 लोगों के खिलाफ केस, जानिए बांसवाड़ा हिंसा की हकीकत

May 04, 2026 Super Admin 7
शेयर:
धर्मांतरण या सााजिश? सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल समेत 100 लोगों के खिलाफ केस, जानिए बांसवाड़ा हिंसा की हकीकत

शुक्रवार (1 मई) देर शाम संगठन के कार्यकर्ताओं को एक सभा की सूचना मिली, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे. उनका आरोप है कि वहां बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी में धर्मांतरण की गतिविधियां चल रही थीं. कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जब विरोध करने पर करीब 100 लोगों ने उन पर हमला कर दिया. लाठी-डंडों से मारपीट और पत्थरबाजी में 3 कार्यकर्ता घायल हुए, जिनमें से 2 को गंभीर हालत में गुजरात रेफर किया गया. घटना के बाद रवि भाभोर की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है. आरोपियों में एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल मुकेश रावत और उनके पिता, सेवानिवृत्त शिक्षक अनिल रावत का नाम भी शामिल है. अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

सभा के लिए नहीं ली गई थी अनुमति

राजस्थान में गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध विधेयक, 2025 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभा के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी. स्थानीय लोगों ने धर्मांतरण के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वहां केवल प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी और धर्मांतरण जैसा कुछ नहीं था. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पानी के कुंड में लोगों को नहलाकर धर्मांतरण कराया जा रहा था. राजस्थान गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध बिल, 2025 के तहत मामला दर्ज किया गया है.  

150 लोग प्रार्थना सभा में थे मौजूद

NDTV की टीम ने जब मौके पर लोगों से बात की उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन लगभग 100 से 150 लोग मिलकर प्रार्थना कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सिर्फ प्रार्थना और धार्मिक आयोजन हो रहा था, धर्मांतरण का कोई मामला नहीं है. जबकि शिकायतकर्ताओं ने बातचीत में कहा कि मौके पर चल रहे आयोजन के पीछे धर्मांतरण का मामला है.  

हकीकत क्या, सवाल बरकरार? 

  • बिना अनुमति सभा क्यों आयोजित की गई?
  • 100 लोगों में से केवल 4 ही गिरफ्तार क्यों हुए?
  • क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है या स्थानीय विवाद?

हमसे जुड़ें

शेयर करें:

संबंधित ख़बरें