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झुकने को तैयार नहीं मजदूर, BKT कंपनी के गेट पर बैरिकेडिंग से और बिगड़ी बात; भारी पुलिस बल तैनात

Apr 22, 2026 Super Admin 52
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झुकने को तैयार नहीं मजदूर, BKT कंपनी के गेट पर बैरिकेडिंग से और बिगड़ी बात; भारी पुलिस बल तैनात

राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में भिवाड़ी के पास करीब 802 एकड़ में चोपनकी इंडस्ट्रियल एरिया है. यहां स्थित बालकिशन इंडस्ट्री (BKT) में मजदूरों और प्रबंधन के बीच चल रहा टकराव अब गंभीर मोड़ ले चुका है. वेतन वृद्धि और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर शुरू हुआ प्रदर्शन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी है. मंगलवार को हालात उस समय अधिक तनावपूर्ण हो गए थे जब कंपनी प्रबंधन ने धरने पर बैठे मजदूरों को रोकने के लिए गेट पर ही बैरिकेडिंग कर दी थी. मजदूरों का आरोप है कि प्रबंधन उनकी जायज मांगों को सुनने के बजाय पुलिस के दम पर उन्हें दबाने की कोशिश कर रहा है.

'मांग पूरी न होने तक पीछे नहीं हटेंगे'

धरने पर बैठे मजदूरों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में उचित वेतन वृद्धि के साथ-साथ कार्यस्थल पर शौचालय, परिवहन और बेहतर कार्य परिस्थितियों जैसी मूलभूत सुविधाएं शामिल हैं. मजदूरों का कहना है कि कंपनी उनसे कड़ी मेहनत कराती है, लेकिन जब सुविधाओं और वेतन की बारी आती है, तो उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है. मंगलवार को कंपनी ने उन्हें जबरन गेट से दूर हटाने के प्रयासों ने आग में घी डालने का काम किया है.

पुलिस छावनी बना चोपनकी औद्योगिक क्षेत्र

मजदूरों के बढ़ते आक्रोश और मौके पर मौजूद भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. चोपनकी क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की हिंसा या तोड़फोड़ को रोका जा सके. पुलिस अधिकारी लगातार दोनों पक्षों के संपर्क में हैं, लेकिन फिलहाल कंपनी प्रबंधन और मजदूर यूनियन के बीच कोई बीच का रास्ता नहीं निकल पाया है.

मैनेजमेंट के रवैये से बढ़ा गतिरोध

मजदूरों का आरोप है कि उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात भी नहीं रखने दी जा रही है. प्रबंधन द्वारा गेट के सामने बैरिकेडिंग करने और उन्हें वहां से हटने के लिए दबाव बनाने से मजदूरों में भारी नाराजगी है. फिलहाल भिवाड़ी का यह औद्योगिक क्षेत्र पूरी तरह से अलर्ट पर है और आसपास की अन्य कंपनियों के श्रमिक भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं. यदि अगले 24 घंटों में वार्ता विफल रहती है, तो यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है.

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